क्रेडिट कार्ड से करते हैं खरीदारी, तो इन पांच बातों को रखें ध्यान

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देश में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वालों की संख्या बढ़ रही है। इसके साथ ही बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों से बचने और सुरक्षित खरीदारी के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, नहीं तो नुकसान झेलना पड़ सकता है।

आप ऑनलाइन खरीदारी करते हैं और पेमेंट के लिए क्रेडिट कार्ड का ज्यादा उपयोग करते हैं, तो ये खबर आपके लिए है। आजकल बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों से बचने और सुरक्षित खरीदारी के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, नहीं तो नुकसान झेलना पड़ सकता है। हम आपको बता रहे हैं कि क्रेडिट कार्ड उपयोग करने के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर किन खास बातों का ख्याल रखें।

क्रेडिट कार्ड की लिमिट सेट करें

आमतौर पर क्रेडिट कार्ड उपयोग करने वाले लोग अपने कार्ड की लिमिट को बढ़वाते जाते हैं, भले ही उनकी जरूरतें कम हों। ऐसे में जरूरी नहीं है कि आप पूरी क्रेडिट लिमिट का इस्तेमाल करें। लोगों की जरूरतें बदलती रहती है और हो सकता है कभी आपको कम और कभी ज्यादा आर्थिक सहायता की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में अपनी खर्च और जरूरत के हिसाब से क्रेडिट कार्ड की लिमिट को तय कराना उचित रहेगा। मतलब, जब जरूरतें कम हों तो लिमिट को कम करवा लें, इससे तय राशि से ऊपर की कोई भी एक्टिविटी खुद-ब-खुद ब्लॉक हो जाएगी। आप जरूरत पड़ने पर इस लिमिट को फिर से बढ़वा भी सकते हैं।

नकदी के लिए इस्तेमाल करने से बचें 

क्रेडिट कार्ड पर बैंक की ओर से निर्धारित मात्रा तक नकदी निकालने की सुविधा भी दी जाती है। लेकिन विशेषज्ञों की सलाह है कि क्रेडिट कार्ड से नकदी निकालने से बचना चाहिए और इसके लिए डेबिट कार्ड का उपयोग ही बेहतर है। क्योंकि क्रेडिट कार्ड से जिस दिन आप नकदी निकालते हैं उसी दिन से उस पर ब्याज लगने लगता है। ऐसे में बहुत जरूरी न हो तब तक क्रेडिट कार्ड से नकदी न निकालें।

ट्रांजैक्शन लिमिट तय करना जरूरी

क्रेडिट कार्ड धारक जरूरत के अनुसार पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) पर लेन-देन की सीमा तय कर सकता है। यदि आप सामान्य रूप से 1000 रुपये से अधिक के लेनदेन के लिए कार्ड का उपयोग नहीं करते हैं तो आप इतनी ही लिमिट तय कर सकते हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि एक बार में आपके कार्ड से 1,000 रुपये से अधिक की लेन-देन नहीं होगी।

कॉन्टैक्टलेस ट्रांजेक्शन पड़ेगा भारी

अधिकतर क्रेडिट कार्ड पर अब कॉन्टैक्टलेस लेन-देन की सुविधा मिल रही है। लेकिन यह आपके लिए नुकसानदायक हो सकती है। यह सुविधा 5000 रुपये से कम के लेन-देन को बिना पिन डाले भुगतान करने में सक्षम बनाती है। यदि आपका कार्ड किसी गलत हाथ में पड़ जाए तो यह कई बार खतरनाक हो सकता है। इसलिए इस सुविधा को बंद करने में ही समझदारी है।

इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन बंद करें

यदि आप विदेश यात्रा नहीं कर रहे हैं तो आप अंतरराष्ट्रीय लेन-देन को बंद करने का विकल्प चुन सकते हैं और जरूरत पड़ने पर इसे फिर से चालू भी कर सकते हैं। इसके अलावा, किसी भी अंतरराष्ट्रीय ई-कॉमर्स या ऑनलाइन लेन-देन को सीमित या निष्क्रिय करना अच्छा होगा क्योंकि अधिकांश अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन लेन-देन आमतौर पर ओटीपी के बिना पूरी हो जाते हैं।

कोरोना काल में बढ़ा क्रेडिट कार्ड का उपयोग

कोरोना काल में जैसे-जैसे डिजिटलीकरण बढ़ा, वैसे-वैसे ऑनलाइन खरीदारी में भी जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है। वर्तमान हालात ये हैं कि भारत में क्रेडिट कार्ड से खरीदार माह-दर-माह बढ़ती जा रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अक्तूबर महीने में देश में क्रेडिट कार्ड के माध्यम से की गई खरीदारी में 12 फीसदी का इजाफा देखा गया है।

पहली बार एक लाख करोड़ के पार

गौरतलब है कि अक्तूबर महीने में त्योहारी सीजन था, जिसके चलते हर क्षेत्र में मांग बढ़ी और लोगों ने जमकर खरीदारी की। इस दौरान खरीदारी करने वाले लोगों ने कैश से ज्यादा ऑनलाइन पेमेंट करने को तरजीह दी। खासतौर पर क्रेडिट कार्ड से कर्ज लेकर खरीदारी ज्यादा की गई। यही कारण है कि अक्तूबर में पहली बार किसी एक महीने में क्रेडिट कार्ड से होने वाला खर्च 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। अक्तूबर में कुल 1,01,200 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

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