सार्वजनिक क्षेत्र की दो भंडारण कंपनियों का विलय

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नई दिल्ली। सरकार ने आज सार्वजनिक क्षेत्र के सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के साथ सेंट्रल रेलसाइड वेयरहाउस कंपनी लिमिटेड के विलय की मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज यहां हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
दोनों कंपनियों के विलय के परिणामस्वरूप दक्षता, अधिकतम क्षमता उपयोग, पारदर्शिता, रेलसाइड वेयरहाउसिंग में पूंजी की आवक और रेलसाइड वेयरहाउस परिसर के रोजगार सृजन प्रबंधन व्यय में कमी आने का अनुमान है। कॉर्पोरेट कार्यालय के किराये, कर्मचारियों के वेतन और अन्य प्रशासनिक लागतों में कमी के कारण कम से कम पांच करोड़ रुपए की बचत होगी। विलय से माल-शेड स्थानों के पास कम से कम 50 और रेलसाइड गोदाम स्थापित करने में सुविधा होगी। इसके अलावा सीमेंट, उर्वरक, चीनी, नमक और सोडा आदि के भंडारण के लिए अतिरिक्ति स्थान की उपलब्धता बढ़ेेगी। इससे कुशल कामगारों के लिए 36,500 श्रम दिवसों और अकुशल कामगारों के लिए 9,12,500 श्रम दिवसों के बराबर रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। विलय प्रक्रिया आठ महीने के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।

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