डीजीसीए रिपोर्ट : मई में हवाई यात्रियों की संख्या 63 प्रतिशत घटी

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नयी दिल्ली। कोविड़-19 से जुड़े प्रतिबंधों और संक्रमण के डर की वजह से मई में घरेलू मार्गों पर हवाई यात्रा करने वालों की संख्या में अप्रैल की तुलना में 63 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के आज जारी आँकड़ों के अनुसार, मई में 21.15 लाख घरेलू यात्रियों ने सफर किया। यह आँकड़ा अप्रैल के 57.25 लाख यात्रियों की तुलना में 63.06 प्रतिशत कम है। साथ ही यह जुलाई 2020 के बाद का निचला स्तर भी है।
कोविड-19 की दूसरी लहर ने मई में लगभग पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया था। एक समय नये संक्रमितों की दैनिक संख्या चार लाख के पार पहुँच गई थी। अधिकतर राज्यों ने संक्रमण रोकने के लिए आंशिक या पूर्ण लॉकडाउन लगा दिया था। हालाँकि हवाई यात्रा पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया था, लेकिन दूसरे राज्यों से अपने यहाँ आने वाले यात्रियों के लिए कई राज्यों ने बेहद कड़ी शर्तें रखीं थी ताकि लोग सिर्फ बहुत आवश्यक होने पर ही हवाई सफर करें।
पिछले साल मई में पहले 24 दिन तक नियमित यात्री उड़ानें पूरी तरह बंद रही थीं। दो महीने के विराम के बाद 25 मई से घरेलू उड़ानों की अनुमति दी गई थी। मई 2020 से फरवरी 2021 तक यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती रही। इसके बाद अगले तीन महीने इसमें कमी आई है।
डीजीसीए के आँकड़ों से स्पष्ट है कि गत मई में लगभग सभी विमान सेवा कंपनियों का पैसेंजर लोड फैक्टर (पीएलएफ) यानी भरी सीटों का अनुपात कम हुआ है। किफायती विमान सेवा कंपनी स्पाइस जेट का पीएलएफ अप्रैल के 70.8 प्रतिशत से घटकर मई में 64 प्रतिशत रह गया। इसके बावजूद वह इस मामले में दूसरी एयरलाइंस से आगे रही। इसके बाद क्रमश: गोएयर का पीएलएफ 63.3 प्रतिशत, इंडिगो का 51.2 प्रतिशत, एयर एशिया इंडिया का 44.4 प्रतिशत, स्टार एयर का 41.2 प्रतिशत, विस्तारा का 40.9 प्रतिशत और एयर इंडिया का 39.3 प्रतिशत रहा।
यात्रियों की कम संख्या के कारण विमान सेवा कंपनियों ने कई उड़ानें रद्द भी कीं। मई रद्द होने वाली 67.9 प्रतिशत उड़ानों के पीछे कंपनियों ने वाणिज्यिक कारण बताया। इसके बाद 17 प्रतिशत उड़ानों के रद्द होने की वजह मौसम रहा।
एयर टैक्सी ने सबसे अधिक 61.29 प्रतिशत उड़ानें रद्द की। एयर इंडिया की 16.34 प्रतिशत, विस्तारा की 9.29 प्रतिशत, एयर एशिया इंडिया की 3.80 प्रतिशत, फ्लाईबिग की 3.57 प्रतिशत, इंडिगो की 3.51 प्रतिशत, स्पाइस जेट की 1.81 प्रतिशत और ट्रू जेट की 1.64 प्रतिशत उड़ानें रद्द हुईं।

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