छत्तीसगढ़ के CM का ममता पर तंज, बोले- विपक्ष से लड़ रही या मोदी सरकार से

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी के ‘अब कोई संप्रग नहीं है’ वाले बयान के बाद छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने उन पर निशाना साधा है. उन्होंने रविवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सत्ताधारी दल से लड़ रही हैं या विपक्षी दलों के नेताओं से लड़ना चाहती हैं. बघेल ने कहा कि ममता को अपने इरादे साफ करने होंगे उनकी बातचीत से लगता है कि वह भाजपा को नहीं बल्कि विपक्ष को हटाना चाहती हैं.

भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के बिना कोई भी विपक्षी गठबंधन बनाना संभव ही नहीं है, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से मुकाबला करने के लिए गठबंधन का प्रमुख स्तंभ कांग्रेस को ही बनना होगा.

बघेल ने पीटीआई को बताया कि, 2024 के आम चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सामना करने के लिए विपक्षी खेमे का चेहरा कौन होगा, इसका निर्णय सोनिया गांधी की अध्यक्षता में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) मिलकर करेगा.

शिवसेना ने भी की थी ममता बनर्जी की आलोचना

बता दें, बीते शनिवार को शिवसेना ने भी ममता के बयान की आलोचना की थी. शिवसेना ने कहा था कि देश की सबसे पुरानी पार्टी को राष्ट्रीय राजनीति से अलग रखकर और इसके बगैर यूपीए के समानांतर विपक्षी गठबंधन बनाना सत्तारूढ़ बीजेपी और ‘फासीवादी’ ताकतों को मजबूत करने के समान है.

शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में कहा कि जो लोग कांग्रेस नीत यूपीए की सरकार नहीं चाहते हैं उन्हें अपना रूख सार्वजनिक करना चाहिए, न कि पीठ पीछे बातें करके भ्रम पैदा करना चाहिए. इसने कहा कि जो लोग बीजेपी से लड़ रहे हैं, अगर उनका भी मानना है कि कांग्रेस का अस्तित्व खत्म हो जाना चाहिए तो यह रुख ‘सबसे बड़ा खतरा’ है. इसने कहा कि अगर विपक्षी दलों में एकता नहीं होगी तो बीजेपी का राजनीतिक विकल्प बनाने की बात बंद कर देनी चाहिए.

ममता ने कहा था- अब ‘कोई संप्रग नहीं’

गौरतलब हो कि बीती एक दिसंबर को ममता बनर्जी ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार से मुंबई में मुलाकात की थी. इस दौरान ममता बनर्जी ने सभी विपक्षी दलों से अपील की थी कि अगले चुनावों में बीजेपी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ें. वहीं पवार ने भी बीजेपी से मुकाबले के लिए विपक्षी दलों की एकता पर जोर दिया था. ममता ने, विशेष रूप से एक अस्पष्ट टिप्पणी यह भी की थी कि अब ‘कोई संप्रग नहीं’ है। ममता ने एक दिन पहले ही यहां शिवसेना नेताओं से मुलाकात भी की थी। यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस के बिना गठबंधन की संभावना है, पवार ने मीडिया से कहा था कि बीजेपी का विरोध करने वालों का साथ आने को लेकर स्वागत है.

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