जल संकट : सैकड़ों ग्रामीणों के ढाई घंटे घेराव के बाद एसईसीएल प्रबंधन ने मानी मांगें, दिया लिखित आश्वासन

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 सैकड़ों ग्रामीणों के ढाई घंटे घेराव के बाद एसईसीएल प्रबंधन ने मानी मांगें, दिया लिखित आश्वासन

 

VM News desk Korba :-

 कोरबा। बांकीमोंगरा क्षेत्र के खनन प्रभावित गांवों में एसईसीएल SECL द्वारा जल आपूर्ति रोके जाने से परेशान सैकड़ों ग्रामीणों ने आज पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की पार्षद राजकुमारी कंवर के नेतृत्व में एसईसीएल के सुराकछार गेट को जाम कर दिया। यह घेराव ढाई घंटे तक चला, जिसके बाद एसईसीएल प्रबंधन को मजबूर होकर आंदोलनकारी माकपा व किसान सभा के नेताओं और ग्रामीणों से बातचीत करने के लिए मजबूर होना पड़ा। प्रबंधन ने लिखित आश्वासन दिया है कि जल्द ही प्रभावित गांवों में जल आपूर्ति पूर्ववत बहाल की जाएगी, तब तक टैंकरों से वैकल्पिक व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि कोयला खनन के कारण यहां जल स्तर काफी गिर चुका है और अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत एसईसीएल ही पीने, निस्तारी और सिंचाई के लिए पानी का प्रबंध करते आया है। लेकिन बांकी खदान बंद होने के बाद अब अचानक एसईसीएल द्वारा इन गांवों में जल आपूर्ति रोक दी गई है, जिससे यहां के ग्रामीणों का न केवल दैनिक दिनचर्या गड़बड़ा गई है, बल्कि खेती-किसानी पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। माकपा द्वारा पिछले दिनों आंदोलन की चेतावनी दिए जाने के बाद कुछ टैंकरों से व्यवस्था बनाने की कोशिश एसईसीएल ने की है, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार वह नितांत अपर्याप्त है।

Water crisis: After two and a half hours of siege by hundreds of villagers, SECL management accepted their demands, gave written assurance

माकपा के इस आंदोलन से ढाई घंटे तक खदान में उत्पादन कार्य ठप्प रहा। एसईसीएल प्रबंधन ने आंदोलनकारी ग्रामीणों को पुलिस बल से हटवाने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रही और उसे अंततः माकपा नेताओं को वार्ता के लिए बुलाना पड़ा। बैठक में एसईसीएल की ओर से प्रभारी उप क्षेत्रीय प्रबंधक संजय कुमार,  रमेश कुमार, रोहित श्रीवास्तव आदि अधिकारी उपस्थित थे, जबकि माकपा के जिला सचिव प्रशांत झा और छत्तीसगढ़ किसान सभा के जिला अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर के नेतृत्व में पार्षद राजकुमारी कंवर, नंदलाल कंवर, मोहपाल सिंह, शिवरतन, अजय, सुरेश बिंझवार, श्याम यादव, श्रवण दास, अजित कंवर आदि ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। बांकी थाना प्रभारी रमेन्द्र कुमार भी बैठक में उपस्थित थे।

Water crisis: After two and a half hours of siege by hundreds of villagers, SECL management accepted their demands, gave written assurance

बैठक में एसईसीएल अधिकारियों ने लिखित में आश्वासन दिया है कि जल आपूर्ति पूर्व की तरह पाईप लाईन के माध्यम से जल्दी ही बहाल कर दी जाएगी, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पानी टैंकरों की संख्या बढ़ाई जाएगी तथा जल की गुणवत्ता को भी सुधारा जाएगा। पुरैना में, जहां जल भराव ज्यादा है, वहां बोर होल पम्प लगाकर किसानों को खेती की सिंचाई के लिए तत्काल पानी उपलब्ध कराया जाएगा तथा आसपास के तालाबों को भरने की व्यवस्था की जाएगी।

ग्रामीणों ने घोषणा की है कि यदि एसईसीएल अपने वादे पर अमल नहीं करेगा, तो ग्रामीणों को फिर चक्का जाम जैसे उग्र कदम उठाने को बाध्य होना पड़ेगा। घेराव में पुरैना, बांकी बस्ती, मड़वाढोढा तथा आसपास के अन्य गांवों के ग्रामीणों ने बड़े पैमाने पर हिस्सा लिया, जिन्हें लामबंद करने में दीपक, दिलीप दास, संजय, कृष्णा दास, संतरा बाई, गनेशी बाई, लक्ष्मीन यादव, संतोषी महंत, हीरा सिंह, आनंद मोहन, गुलाब बाई, रामायण बाई, विमला, पूर्णिमा, विजय, भरत, बैशाखू राम चौहान, सुराज सिंह, अजयकुमार, करमपाल, विजय, भरत आदि कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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