कैसा है सांता क्लॉज का गांव, जहां दुनियाभर के बच्चे चिट्ठियां भेजते हैं और टूरिस्ट क्रिसमस मनाने पहुंचते हैं?

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फिनलैंड की लोककथाओं के मुताबिक, 270 ईसवीं में सैंटा इसी क्षेत्र में जन्‍मे थे. यहां के ‘रोवानिएमी’ गांव में सैंटा क्लॉज जैसा सैंटा रहता है। ट्रैवल मैप में यहीं गांव अब इसी नाम से जाता है. इस गांव में सैंटा का यहां एक ऑफिस और स्टॉफ है और इसकी आधिकारिक वेबसाइट भी है।

बर्फ से ढके रहने वाले फिनलैंड के लैपलैंड में है सांता क्लॉज का गांव. गांव का नाम है ‘रोवानिएमी’. इसे गांव को दुनिया में आध‍िकारिक रूप से सैंटा क्‍लॉज के गांव का दर्जा मिला हुआ है. हर साल दुन‍ियाभर से लोग यहां सैंटा से मिलने पहुंचते हैं, लेकिन पिछले दो सालों से कोविड के कारण पर्यटकों की संख्‍या में कमी आई है.

‘रोवानिएमी’ में क्रिसमस सेलिब्रेशन की शुरुआत 23 दिसम्‍बर से ‘सैंटा इज ऑन हिज वे’ इवेंट से होती है. इस दिन सैंटा क्लॉज रेनडियर वाली अपनी स्लेज के जरिए लोगों से मिलने निकल पड़ते हैं.

सालभर बर्फ से ढका रहता है गांव

फिनलैंड की लोककथाओं के मुताबिक, 270 ईसवीं में सैंटा इसी क्षेत्र में जन्‍मे थे. यहां के ‘रोवानिएमी’ गांव में  सैंटा क्लॉज जैसा सैंटा रहता है। ट्रैवल मैप में यहं गांव अब इसी नाम से जाता है. इस गांव में सैंटा का एक ऑफिस और स्टाफ है. इसकी एक आधिकारिक वेबसाइट भी है।

फिनलैंड का रोवानिएमी गांव सालभर बर्फ से ढका रहता है. यहां लकड़ी से बने झोपड़ीनुमा घर हैं. इसके अलावा सैंटा क्‍लॉज का आध‍िकारिक तौर पर ऑफिस है, जहां सालभर दुनिया के हर कोने से चि‍ट्ठि‍यां पहुंचती हैं. इन चिट्ठि‍यों को इकट्ठा करने के लिए एक टीम काम करती है, फिर इसे सैंटा तक पहुंचाया जाता है. यहां सफेद दाढ़ी और लाल पोशाक में सैंटा रहते हैं.

सैंटा के ऑफिस में नजर आती हैं चिट्ट‍ियां और खिलौने

सैंटा के ऑफिस में चारों तरफ आपको जो चीज सबसे ज्‍यादा नजर आती है वो हैं बच्‍चों की चि‍ट्ठि‍यां और तोहफे. जिसे सैंटा के लिए भेजा गया है. सैंटा इन चिट्ठ‍ियों को पढ़ने के साथ इनके जवाब भी देते हैं. यानी जिनकी चिट्ठी इनके पास पहुंचती हैं उतनी जवाब के तौर पर बच्‍चों को भेजी भी जाती हैं. सालभर तक सैंटा के पास सिर्फ दो काम होते हैं, चिट्ठी पढ़ना, उनके जवाब भेजना और बच्‍चों को भेजे जाने वाले  खिलौनों की वर्कशॉप की देखरेख करना.

रोवानिएमी आने वाले पर्यटक सैंटा के साथ फोटो खिंचवाना नहीं भूलते. हालांकि फोटो खींचने का काम इनके ऑफ‍िस के कर्मचारी ही करते हैं. सैंटा के घर में जाने के लिए कोई भी चार्ज नहीं वसूला जाता है, लेकिन फोटो खिंचवाने के लिए चार्ज देना पड़ता है.

दुनियाभर के बच्‍चों को भेजे जाते हैं खिलौने

रोवानिएमी में खासतौर पर बच्‍चों के खिलौनों को तैयार करने के लिए वर्कशॉप बनाई गई है. यहां सालरभर खिलौने बनते हैं. सैंटा इनकी देखरेख करते हैं. सैंटा को चिट्ठियां भेजने वाले और उनसे तोहफा मांगने वाले बच्चों की मांग पर खासतौर पर ध्यान दिया जाता है। लोग सैंटा को अपनी विशलिस्ट भी भेजते हैं और एक ऐसी ही सबसे लम्बी लिस्ट को 2012 में गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह मिली थी जिसमें 75954 विशेज भेजी गईं थीं।

2019 में  724 चार्टर फ्लाइट पहुंची थी, कोरोना की नई गाइडलाइन जारी  

फिनलैंड की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में जब कोरोना नहीं था तो क्रिसमस सेलिब्रेशन के लिए बड़ी संख्‍या में यहां पर्यटक पहुंचे थे. क्रिसमस सेलिब्रेशन में शामिल होने के लिए यहां 724 चार्टर फ्लाइट पहुंची थी.

फोर्ब्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल कोविड के चलते पर्यटकों को कुछ बातों का ध्‍यान रखना होगा. जैसे- उनके पास वैक्‍सीन पासपोर्ट होना चाहिए. पर्यटकों को मास्‍क लगाना अनिवार्य किया गया है और सेनिटेशन का खास ध्‍यान रखा गया है. ऐसे पर्यटक जो उन देशों से आ रहे हैं जहां कोरोना के मामले ज्‍यादा हैं उन्‍हें मौके पर निगेटिव रिपोर्ट देनी होगी.

 

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