घर खरीदने वालों के लिए आई खुशखबरी, अब नहीं चलेगी बिल्डरों की मनमानी

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Supreme Court verdict on real estate Act-नई व्यवस्था के तहत ऐसे बिल्डर जिन्होंने रेरा (RERA) लागू होने से पहले की परियोजनाओँ का कंप्लीशन सर्टिफिकेट (CC-Completion Certificate) नहीं लिया है, अब वे भी रेरा के दायरे में आएंगे. भले ही उन्होंने रेरा में पंजीकरण (RERA Registration) कराया है या नहीं. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का फायदा पुराने घर खरीदारों को भी होगा.

अखिल ने 2012 में एक फ्लैट खरीदा… बिल्डर ने बड़े-बड़े सब्जबाग दिखाए. साल 2015 तक उसने सभी यूनिट डिलीवर कर दीं लेकिन अपने किए वादे आज तक पूरे नहीं किए. मानक पूरे नहीं होने के कारण इस सोसायटी को अभी तक प्राधिकरण से कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं मिल पाया. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा….

जानिए पूरा मामला

ऐसे बिल्डर जिन्होंने रेरा लागू होने से पहले की परियोजनाओं का कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं लिया है, वे भी रेरा के दायरे में आएंगे. भले उन्होंने रेरा में पंजीकरण कराया है या नहीं. सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद यह धुंध साफ हो गई. इस फैसले का फायदा पुराने घर खरीदारों को भी होगा.

जिन लोगों ने रेरा लागू होने से पहले सोसायटी में फ्लैट खरीदा था. लेकिन किसी वजह से प्रोजेक्ट को कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं मिल पाया है.. तो अब बिल्डर्स को सभी लंबित कार्यवाही पूरी करनी होगी.

जानिए सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश के बारे में…

आपको सिर्फ यह करना होगा कि सोसायटी के लोग मिलकर रेरा में शिकायत करें. बिल्डर को सभी बकाया कार्य पूरे कराने होंगे. इस मामले में बिल्डरों की कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी.

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु राज्यों के रेरा के सक्रिय रूप से कार्य नहीं करने पर नाराजगी जताई है… कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वह रेरा के दायरे में बदलाव करके नियामक को मजबूत बना सकते हैं.

केंद्र सरकार और शहरी विकास मंत्रालय इस बारे में पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं किे ऐसी निर्माणाधीन परियोजनाएं जिन्हें 1 मई, 2017 तक कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं मिला है वे सभी रेरा के दायरे में आएंगी. शीर्ष न्यायालय की इस पहल से बिल्डरों की मनमानी पर अंकुश लगेगा जिससे घर खरीदारों को भारी राहत मिलेगी.

ऐसे करें रेरा में अपनी शिकायत दर्ज

(स्टेप-1) शिकायत दर्ज करने के लिए आपको राज्य की रेरा (RERA) वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कर लॉग-इन करना होगा. लॉग-इन करने से पहले आप अपने पास प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन नंबर, केस से जुड़े सबूत, क्या राहत चाहते हैं, अगर मामले पर कोई अंतरिम ऑर्डर जारी हुआ है तो उसकी जानकारी होनी चाहिए.

(स्टेप-2) आपको अपने ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर की जानकारी देनी होगी ताकि इससे रेरा आपको संपर्क कर सके. रजिस्ट्रेशन करने पर आपको यूजरनेम और पासवर्ड बनाना होगा.

(स्टेप-3) रजिस्ट्रेशन होने पर आपकी ई-मेल आईडी पर वेरिफिकेशन लिंक आएगा. अगर आपको प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेश नहीं पता तो उसे रेरा की वेबसाइट पर ही चेक कर सकते हैं.

(स्टेप-4) लॉग-इन करने पर आपको अपना नाम और पता भरना होगा. इसके बाद ‘एड कंप्लेन’ पर जाना होगा. इस फॉर्म में आपकी सभी जानकारी भरनी होगी. प्रोजेक्ट का नाम, क्यों शिकायत कर रहे हैं, शिकायत पर किस तरह का एक्शन चाहते हैं ये सभी जानकारी.

(स्टेप-5) शिकायत दर्ज कराते वक्त प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन नंबर होने पर प्रोजेक्ट, एजेंट का नाम और प्रोमोटर का नाम अपने आप आ जाता है. इसके दौरान ही आपको मामले से जुड़े कागजात अपलोड करने होंगे और उनकी जानकारी देनी होगी.

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