कभी सोचा है आखिर छोटे से चेरापूंजी में ऐसा क्या है कि वहां काफी ज्यादा बारिश होती है?

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जब भी ज्यादा बारिश वाली जगहों की बात होती है तो चेरापूंजी और मासिनराम की बात जरूर होती है. भारत में ये दो शहर ऐसे हैं, जहां काफी ज्यादा बारिश होती है. बारिश इतनी कि इन्हें दुनिया के सबसे ज्यादा बारिश होने वाले शहरों में शामिल किया गया है. हो सकता है कि आप वहां कभी घूमने भी गए हो. लेकिन कभी आपने सोचा है कि आखिर ऐसा क्या है कि वहां सबसे ज्यादा बारिश होती है. उन शहरों में क्या अलग है, जिस वजह से वहां बादल हमेशा बने रहते हैं और बारिश होने लगती है.

बता दें कि चेरापूंजी और मासिनराम दोनों में एक तरह से कंपिटिशन रहता है. कभी एक शहर में ज्यादा बारिश होती है तो कभी दूसरे शहर में ज्यादा बारिश होती है. दोनों शहर में भारी मात्रा में बारिश होती है और यह शहर बारिश के मामले में टॉप 2 शहरों में बने रहते हैं. इसी बीच जानते हैं कि वहां इतनी बारिश होने का क्या कारण है…

चेरापूंजी नॉर्थ ईस्ट का एक छोटा सा गांव है, जहां काफी ज्यादा बारिश होती है. इसे ईस्ट का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है. सबसे ज्यादा बारिश होने की वजह से इस जगह का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी शामिल किया जा चुका है. हालांकि, जलवायु परिवर्तन की वजह से बारिश में कमी हो रही है और माना जा रहा है अगर ऐसा रहता है तो यहां बारिश की मात्रा काफी कम हो सकती है. इसके अलावा चेरापूंजी से सिर्फ 81 किलोमीटर (सड़क मार्ग) दूर मासिनराम में भी चेरापूंजी की तरह ही बारिश होती है और दोनों गांव के पास ही सबसे ज्यादा बारिश होने का खिताब रहता है.

क्यों होती है इतनी बारिश?

इसके लिए पहले यहां की भौगोलिक स्थिति को समझते हैं. दरअसल, यह दोनों जगह मेघालय की खासी हिल्स पर हैं. इन पहाड़ियों पर सबसे ऊपरी क्षेत्र 1500 मीटर पर है. वहीं, समुद्री तल से इनकी ऊंचाई 1313 (चेरापूंजी) और 1401.5 (मासिनराम) मीटर है. साथ ही यह तीन तरफ से खासी हिल से घिरा है और इस वजह से यहां ऑरोग्राफिक रेनफॉल होता है. इसका मतलब है कि यहां की पहाड़ियां बादल को रोकती है और उस स्थान पर ज्यादा बारिश होती है.

बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाएं जब बादलों को लेकर आती हैं तो यह हवाएं खासी हिल से टकरा जाती हैं और बांग्लादेश के ऊपर से गुजरती हुई वहां तक पहुंचती है. इससे ये मॉइश्चर बारिश के रूप ये यहां बारिश हो जाती है. वैसे यह सीन अन्य पहाड़ी इलाकों में भी है, लेकिन चेरापूंजी की कहानी कुछ और है. इसका कारण है कि यह इलाका तीनों तरह पहाड़ियों से घिरा हुआ है और हवा यहां ट्रैप हो जाती है.

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