कई लोगों को हैं दांतों की सफाई से जुड़े ये भ्रम, जानिए इनकी सच्चाई

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दांत सफेद होने से न सिर्फ आपकी मुस्कुराहट खूबसूरत लगती है, बल्कि यह मुंह के स्वस्थ होने का भी प्रतीक हैं। इसी कारण लोग दांतों को साफ रखने के लिए तरह-तरह की तरकीब आजमाते हैं। हालांकि घरेलू नुस्खों और बाहरी प्रोडक्ट्स की भरमार के कारण कई बार तथ्यों और भ्रमों के बीच अंतर करना मुश्किल हो जाता है और इससे दांतों को नुकसान हो सकता है। चलिए आज आपको दांतों की सफाई से जुड़े भ्रम और उनकी सच्चाई बताते हैं।
शायद यह सबसे आम भ्रम है कि हार्ड टूथब्रश से दांत साफ और सफेद रहते हैं, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। हार्ड ब्रश दांतों को साफ करने से ज्यादा दांतों की सतहों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए जरूरी है कि आप सॉफ्ट टूथब्रश का इस्तेमाल करें और अपने ब्रश करने के तरीके पर ध्यान दें। ऊपरी दांतों को साफ करने के लिए नीचे की ओर से और निचले दांतों को ऊपर की ओर से ब्रश करें।
भ्रम- दांत में दर्द या कीड़ा लगने पर ही दंत चिकित्सक के पास जाना चाहिए
यह भी सिर्फ एक भ्रम है कि दांत में दर्द या कीड़ा लगने पर ही दंत चिकित्सक यानि डेंटिस्ट के पास जाना चाहिए, जबकि ऐसा नहीं है। एक अच्छी ओरल हेल्थ के लिए हर छह महीने में एक बार दंत चिकित्सक के पास जाएं और अपने दांतों की सफाई और चेकअप कराएं, ताकि कोई भी समस्या से समय पर ही निपटा जा सके। इस तरह से आपके दांत स्वस्थ बने रहेंगे।
कई लोग इस बात को सच मानते हैं कि जब मसूड़ों से खून आ रहा हो तो आपको टूथब्रश करना बंद कर देना चाहिए, लेकिन यह बात पूरी तरह से गलत है। अगर टूथब्रश करते समय आपके मसूड़ों से खून आए तो तुरंत दंत चिकित्सक से मिलें क्योंकि मसूड़ों से खून तभी बहता है, जब आप अपने दांतों को ठीक से साफ नहीं करते हैं या फिर कोई अन्य समस्या हो। डॉक्टर की सलाह पर आगे कदम उठाएं।

एक भ्रम यह भी है कि ओरल हेल्थ का समग्र स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन यह एक गलत अवधारणा है क्योंकि मुंह और शरीर के बीच सीधा संबंध होता है और ओरल हेल्थ आपके समग्र स्वास्थ्य से जुड़ी है। दरअसल, हमारा खाना हमारे मुंह से होकर जाता है, इसलिए मुंह साफ न होने पर कोई भी जीवाणु या संक्रमण मुंह से शरीर में प्रवेश कर सकता है और स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

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