पानी पीने के बाद प्ला स्िती क की बोतलों को तोड़ने या डैमेज करने की सलाह क्यों् दी जाती है, जानिए इसकी वजह

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सफर करते समय अक्‍सर आप पानी की बोतल जरूर खरीदते होंगे. इस बोतल पर एक चेतावनी लिखी होती है कि इसका इस्‍तेमाल करने के बाद इसे डैमेज कर दें.. कभी सोचा है कि ऐसा क्‍यों किया जाता है. इसका सीधा कनेक्‍शन आपकी सेहत से है.जानिए ऐसा करने की वजह क्‍या है?

पानी पीने के बाद बोतल तो डैमेज करने की कई वजह हैं. पहली वजह है, इंफेक्‍शन का खतरा. इस पर हुई एक रिसर्च कहती है, पानी की बोतल के एक वर्ग सेमी हिस्‍से में 9 लाख जीवाणुओं की कॉलोनी होती है. इनका 60 फीसदी हिस्‍सा भी इंसान को बीमार करने के लिए काफी है. इसलिए इन्‍हें डैमेज कर दें ताकि दोबारा इनका कोई इस्‍तेमाल न कर सके.

अब इसकी दूसरी वजह भी जान लीजिए. कई कंप‍न‍ियां मानती हैं कि इन बोतलों को अगर डैमेज नहीं किया जाता है तो इनमें दोबारा पानी भरकर सप्‍लाई की जा सकती है. यह पानी नॉन-फिल्‍टर हो सकता है और इनसे बीमारियां भी फैल सकती हैं. इसलिए पहली बार ही इस्‍तेमाल होने के बाद इनका डैमेज होना जरूरी है.

अगर आप ऐसी जगह पर रहते हैं, जहां बोतलों की रिसायक्लिंग करने की व्‍यवस्‍था मौजूद है तो सीधे जाकर इसे उन्‍हें दे सकते हैं. ऐसी स्थिति में बोतल को डैमेज करने की जरूरत नहीं होती. इंडोनेशिया जैसे देशों में प्‍लास्टिक बोतलों को ऐसे ही डैमेज किया जाता है. यहां कई ऐसे स्‍टार्टअप है एनजीओ हैं जो प्‍लास्‍ट‍िक के कचरे के प्रबंधन करने के लिए लोगों को जागरुक कर रहे हैं और इन्‍हें रिसायकल भी कर रहे हैं.

कई रिसर्च में यह साबित भी हो चुका है कि लम्‍बे समय तक प्‍लास्‍ट‍िक का इस्‍तेमाल सीधे तौर इंसान की सेहत के लिए भी खतरनाक है. इनसे कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता है. इसलिए पैकेज्‍ड ड्रिंकिंग वॉटर वाली बोतल का इस्‍तेमाल एक ही बार करें तो बेहतर है.

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