शाह के बयान से नाखुश विपक्ष ने लोकसभा से किया ‘वॉकआउट’, कांग्रेस ने कहा- आखिर पूर्वोत्तर में ही क्यों हो रहीं ऐसी घटनाएं?

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को नागालैंड में नागरिकों की हत्याओं पर लोकसभा (Lok Sabha) में बयान दिया. जिसपर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस (Congress) ने कहा कि केंद्र के बयान में “कोई दम नहीं है”. गृह मंत्री ने सोमवार को लोकसभा में अपने बयान में चार दिसंबर को हुई गोलीबारी की घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की थी. शाह ने कहा था कि विशेष जांच दल (SIT) द्वारा इस घटना की जांच एक महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी.

कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chowdhury) ने अमित शाह (Home Minister Amit Shah) के नागालैंड गोलीबारी पर दिए बयान पर निशाना साधा. कांग्रेस सांसद चौधरी ने जानना चाहा कि पूर्वोत्तर (Northeast) में ऐसी घटनाएं आखिर क्यों हो रही हैं? चौधरी ने कहा, ‘शाह के बयान में दम नहीं है. यह नागालैंड से आ रही परेशान करने वाली खबरों से संबंधित नहीं हो सकता. हम पूछ रहे हैं कि निर्दोष नागरिकों पर गोलियां क्यों चलाई गईं और एक सैनिक को अपनी जान आखिर क्यों गंवानी पड़ी?’

यह सब पूर्वोत्तर में ही क्यों हो रहा है?’- चौधरी

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘कुछ दिन पहले मणिपुर में भी कुछ ऐसा ही हुआ था जब एक कर्नल और उनके परिवार को गोली मार दी गई थी. यह सब पूर्वोत्तर में ही क्यों हो रहा है?’ इससे पहले, लोकसभा सदस्यों ने नागालैंड की घटना की निंदा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की. उन्होंने सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA Act) को निरस्त करने का भी आह्वान किया. चौधरी ने कहा कि सरकार को नागरिकों के परिवारों को मुआवजा देना चाहिए ताकि एक अच्छा संदेश जा सके.

AFSPA कानून को रद्द करने की मांग

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष को संसद पर सवाल उठाने का मौका नहीं मिला और गृह मंत्री ने अपना बयान दिया और चले गए. वहीं, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने एक सिटिंग जज के तहत न्यायिक जांच की मांग की और कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को दंडित किया जाना चाहिए. उन्होंने सशस्त्र बल (विशेष अधिकार) अधिनियम (AFSPA) को रद्द करने की भी मांग की. अमित शाह के बयान से असंतोष विपक्ष ने लोकसभा से वॉकआउट कर दिया. वॉकआउट करने वाली पार्टियों में कांग्रेस, DMK, समाजवादी पार्टी, BSP और NCP समेत अन्य विपक्षी दल शामिल रहे.

सेना ने संदिग्ध समझकर चलाई थीं गोलियां’- शाह

नागालैंड फायरिंग पर बोलते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि सेना ने संदिग्ध समझकर गोलियां चलाई थीं. इस फायरिंग में 6 लोगों की मौत हो गई थी. अमित शाह ने कहा कि 21 पैरा कमांडो को सूचना मिली थी कि मोन जिले के तिरु इलाके में संदिग्ध विद्रोहियों की आवाजाही हो सकती है. इसी आधार पर 21 कमांडो ने संदिग्ध इलाके में घात लगाकर हमला किया. शनिवार शाम को जब एक वाहन वहां पहुंचा, तो उसे रुकने का इशारा किया गया लेकिन उसने रुकने के बजाय भागने की कोशिश की. ऐसे में सेना ने संदिग्ध होने की आशंका में फायरिंग की जिसमें 6 लोग मारे गए.

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