आनलाइन पेमेंट का झांसा देकर व्यापारी से एक लाख की धोखाधड़ी

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बिलासपुर। सिविल लाइन क्षेत्र में पेंट व्यवसायी से जालसाज ने कोनी के निर्माणाधीन अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविालय में लगाने के लिए सामान मंगाया। पेमेंट करने के लिए उसने व्यापारी का मोबाइल नंबर मांग लिया। बाद में उसने व्यापारी को झांसे में लेकर खाते से एक लाख स्र्पये निकाल लिए। पीड़ित व्यापारी ने इसकी शिकायत सिविल लाइन थाने में की है। इस पर पुलिस जुर्म दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

सिविल लाइन क्षेत्र के गंगा नगर में रहने वाले अंकित अग्रवाल जरहाभाठा में पेंट की दुकान चलाते हैं। उनकी दुकान आनलाइन बिजनेस पोर्टल इंडियामार्ट से भी जुड़कर काम करती है। दो दिसंबर की सुबह आनलाइन बिजनेस पोर्टल के माध्यम से उनके मोबाइल पर काल आया। फोन करने वाले ने उनसे 100 बोरी प्री कोट का सौदा नकद में तय किया। इसके बाद सामान को कोनी स्थित निर्माणाधीन विश्वविालय भेजने को कहा।

सामान पहुंचने पर फोन करने वाले ने आनलाइन पेमेंट करने की बात कही। इस पर व्यवसायी ने अपना मोबाइल नंबर दे दिया। जालसाज ने अपने आनलाइन खाते का क्यूआर कोड भेजकर उसमें एक स्र्पये डालने कहा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद जालसाज ने 24 हजार फिर से डालने कहा। साथ ही स्र्पयों को वापस कर देने का आश्वासन दिया। इस तरह अलग-अलग कर चार बार में व्यापारी ने जालसाज के बताए खाते में 94 हजार 229 स्र्पये डाल दिए। इसके बाद उन्हें धोखाधड़ी की आशंका हुई। उन्होंने इसकी शिकायत तत्काल साइबर सेल में की। साथ ही सिविल लाइन थाने में भी मामले की शिकायत की है। इस पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपित की तलाश कर रही है।

 

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