गरियाबंद की तर्ज पर बालोद जिले के भी पंचायतों में हो रहे भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की होगी जांच

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  • देवभोग के 15 ग्राम पंचायत सचिवों को 14 वें वित्त राशि अनियमितता के संबंध में नोटिस जारी
  • गुरुर ब्लाक के सचिवों द्वारा की जा रही हड़ताल पर लग रहा प्रश्नचिन्ह

बालोद। गरियाबंद जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल द्वारा जनपद पंचायत देवभोग अंतर्गत 14वें वित्त योजना से अनियमित एवं नियम विरुद्ध भुगतान करने के संबंध में 15 ग्राम पंचायत सचिवों को अनुशासनात्मक कार्यवाही का उल्लेख करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। गरियाबंद की तर्ज पर अमूमन यही स्थिति बालोद जिले के गुरुर ब्लाक में भी 20 से 25 ग्राम पंचायतों में हो सकती है। शिकायतों के मद्दे नजर गुरुर ब्लाक के सचिवों द्वारा हड़ताल की जा रही है। गुरुर ब्लाक के इन ग्राम पंचायतों में किये जा रहे कार्य और उसके भुगतान की सूक्ष्मता से जांच की जाए तो बड़े खुलासे हो सकते हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गुरूर ब्लाक के लगभग 20-25 ग्राम पंचायतों में हुए भ्रष्टाचार, आर्थिक आपराध एवं अनियमितताओं की जांच हो सकती है। उदाहरण के तौर पर बालोद जिले के एक बड़े ग्राम पंचायत में शासन के नियमों एवं निर्देशों को ताक पर रखते हुए केन्द्र से प्राप्त होने वाली 15वें वित्त्त आयोग के अनुदान राशि में स्वयं को लाभ पहुंचाते हुए अनुदान राशि का बंदरबांट किये जाने की शिकायत है। जबकि केन्द्र सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि 15वें वित्त अनुदान राशि से पुराने कार्य (पूर्व के शेष कार्य) को नहीं करवाया जा सकता। जबकि ग्राम पंचायत द्वारा टाइड एवं अनटाइड फण्ड में व्यय न करते हुए अनियमित व्यय किया गया है इसके लिए पंचायत द्व ारा किसी कार्य का प्राक्कलन तैयार नहीं किया गया है और पंचायत विभाग के तकनीकि अधिकारी द्वारा मूल्यांकन कराया गया है। इससे संदेह है कि कूट रचित ढंग से स्वयं को आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अलग-अलग टुकड़ों में नियम विरुद्ध जाकर 15वें वित्त आयोग की दिशा निर्देशों की अवहेलना की गई है।
उक्त ग्राम पंचायत के द्वारा किसी भी कार्य का प्राक्कलन भी तैयार नहीं कराया गया है और न ही किसी कार्य के लिये पंचायत विभाग के तकनीकी अधिकारी द्वारा मूल्यांकन कराया गया है। साथ नियम विरूद्ध जाकर मोबाईल खरीदी की गई है। जो कि 15वें वित्त आयोग के दिशा निर्देशों की अवहेलना की गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ऐसे इसी तरह के अनेक मामले गुरूर ब्लाक के लगभग 20-25 ग्राम पंचायतों में हुए भ्रष्टाचार, आर्थिक आपराध एवं अनियमितताओं पर अगर संज्ञान लिया जावे तो बड़े बड़े मामलों का खुलासा हो सकता है।
अगर गरियाबंद की बात करें जिला पंचायत गरियाबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप कुमार अग्रवाल ने जनपद पंचायत देवभोग अंतर्गत 14वें वित्त योजना से अनियमित एवं नियम विरूद्ध भुगतान करने के संबंध में 15 ग्राम पंचायत सचिवों को अनुशासनात्मक कार्यवाही का उल्लेख करते हुये कारण बताओं नोटिस जारी किया है। विदित हो कि जनपद पंचायत देवभोग अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2019-20 आदर्श आचार संहिता के दरमियान 14 वें वित्त की राशि नियम विरूद्ध आहरण एवं भुगतान करने संबंधी शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसकी जांच जिला स्तरीय जांच समिति द्वारा की गई। 16 ग्राम पंचायतों के विरूद्ध प्राप्त शिकायत में ग्राम पंचायत मुंगिया, करचिया एवं सितलीजोर में वित्तीय अनियमितता नहीं पाया गया, किंतु नियमों के विरूद्ध इनके द्वारा राशि भुगतान किया गया है। उप संचालक पंचायत ने बताया कि इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत घोघर, डुमरबहाल, डुमरपीटा, बरबहली, माहुलकोट, मुंगझर, डोहेल, घुमरगुड़ा, खुटगांव, सुकलीभाठा-पुराना, सेंदमुड़ा तथा लाटापारा के सरपंच एवं सचिवों के द्वारा नियमों के विरूद्ध तथा आधिक्य राशि भुगतान किया जाना पाया गया है। जांच अधिकारियों से प्राप्त जांच प्रतिवेदन अनुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत द्वारा सभी 15 सचिवों को नोटिस जारी कर 03 दिवस के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है।

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