मिलरों ने भेजे फटे बारदाने, समितियों की बढ़ी परेशानी

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दुर्ग। जिले में इन दिनों समर्थन मूल्य पर धान खरीदी चल रही है। प्रशासन द्वारा खरीदी के लिए बारदाने की किल्लत न हो इसका ध्यान रखा जा रहा है। खरीदी के लिए राशन दुकान संचालकों और राइस मिलरों से बारदाना लिया गया है।

राइस मिलरों द्वारा केंद्रों को उपलब्ध कराए गए बारदानों में से करीब 20 फीसद बारदाने फटकर खराब हो गए हैं। कुछ समितियों ने बारदाने लौटा दिया है लेकिन अधिकांश समितियां सिलाई कर बारदानों को उपयोग में ला रहे हैं।

जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए करीब एक करोड़ नग बारदाने की जरूरत है। प्रशासन द्वारा राशन दुकान संचालकों,राइस मिलरों से बारदाना लिया जा रहा है।

वहीं किसानों को भी स्वयं के बारदानों में धान बेचने के लिए लाने कहा जा रहा है। सरकार द्वारा किसानों को उनके बारदाने की राशि का भुगतान किया जाएगा। खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राइस मिलरों द्वारा धान खरीदी के लिए केंद्रों को 14 लाख नग बारदाने उपलब्ध कराया गया है।

इनमें से करीब 20 फीसद बारदाने खराब होना बताया जा रहा है। ऐसे बारदानों को खरीदी के लिए उपयोग में लाने समितियों को दिक्कत हो रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीदी केंद्र ननकट्ठी से 1500 नग और कोड़िया से दो हजार नग खराब बारदाने मिलरों को लौटाया गया है।

वहीं प्रशासन के अधिकारी समितियों पर बारदाने नहीं लौटाने को लेकर दबाव बना रहे हैं। इसकी वजह से अधिकांश समितियां फटे बारदानों की सिलाई कर उपयोग में ला रहे हैं। इससे समितियों का काम बढ़ गया है।

तीन से चार बार ला रहे उपयोग में

अधिकारियों का कहना है कि राशन दुकान संचालकों और मिलरों द्वारा खरीद केंद्रों को प्रदाय किए गए बारदाने तीन से चार बार उपयोग में लाया जा रहा है। पिछले तीन साल से खरीदी के दौरान बारदानों की किल्लत बनी हुई है। कोरोना काल में बारदाने का संकट और अधिक गहरा गया था।

इस वजह से प्लास्टिक बोरियों में भी धान खरीदी करनी पड़ी। किल्लत के चलते खुले बाजार में भी बारदाने आसानी से नहीं मिल रहा है। मिल भी रहा है तो उसकी कीमत बहुत अधिक है।

राइस मिलरों द्वारा लाट में बारदाना उपलब्ध कराया गया है। बारदाने पूरी तरह से सहीं है या फट गए हैं इसे देख पाना संभव नहीं है। खरीदी के दौरान बारदाने अत्यधिक फटे होने की जानकारी मिलने पर उसे लौटाया जा रहा है। लेकिन मामूली फटे बारदाने लौटा दिए तो खरीदी को लेकर बारदानों की व्यवस्था करने में दिक्कत होगी।

 

 

 

 

 

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