गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान व तमोर पिंगला अभयारण्य को टाइगर रिजर्व घोषित किया जाएगा

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में सोमवार को राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक हुई। बैठक के दौरान अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में वृद्धि के लिए वर्ष 2021-22 के अंतर्गत 25 करोड़ 80 लाख रुपये के कार्यों का वर्चुअल शुभारंभ किया। साथ ही बैठक में रखे प्रस्ताव के मुताबिक छत्तीसगढ़ में गुुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान व तमोर पिंगला अभयारण्य को टाइगर रिजर्व घोषित किया जाएगा। राज्य वन्यजीव बोर्ड ने कल इस प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है। इसके कोर जोन में दो हजार 49 वर्ग किलोमीटर व बफर जोन में 780 वर्ग किलोमीटर इस तरह कुल दो हजार 829 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्रफल इसमें शामिल है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में सोमवार को राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक हुई। बैठक के दौरान अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में वृद्धि के लिए वर्ष 2021-22 के अंतर्गत 25 करोड़ 80 लाख रुपये के कार्यों का वर्चुअल शुभारंभ किया।
बैठक में वन क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हाथियों के रेडियो कालरिंग और शाकाहारी वन्यप्राणियों को विभिन्न प्रजनन केंद्रों व अन्य स्थानों से प्रदेश के संरक्षित क्षेत्रों के प्राकृतिक रहवास में छोड़े जाने के संबंध में भी चर्चा की गई। इस दौरान गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान बैकुंठपुर अंतर्गत एतवार से उधैनी मार्ग में गोपद नदी पर पुल और पहुंच मार्ग के निर्माण, जगदलपुर-सुकमा-कोंटा रोड के उन्न्यन कार्य के संबंधी प्रस्तावों का भी अनुमोदन किया गया। बैठक में वन मंत्री मोहम्मद अबकर, कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू समेत बोर्ड के अन्य सदस्य, मंत्री व अफसर मौजूद थे।

  • वन्य प्राणी संरक्षित के चिन्हांकित क्षेत्र में आप्टिकल फाइबर केबल बिछाने संबंधी प्रस्ताव का अनुमोदन

भारत नेट प्रोजेक्ट के तहत वन्य प्राणी संरक्षित के चिन्हांकित क्षेत्र में आप्टिकल फाइबर केबल बिछाने संबंधी प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इनमें गोमार्डा अभयारण्य, उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व, तमोर पिंगला अभयारण्य, इंद्रावती टाइगर रिजर्व, कांकेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान व भोरमदेव अभयारण्य के कुछ क्षेत्र शामिल हैं।

  • सीएस बोर्ड के सदस्य नहीं है मुख्य सचिव

बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन शामिल नहीं थे। इसको लेकर बैठक के दौरान वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ ने सवाल किया। पूछा कि उन्हें क्यों नहीं बुलाया गया है। इस पर वन विभाग के अफसरों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सीएस बोर्ड के सदस्य नहीं है, इसलिए उन्हें नहीं बुलाया गया है।

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