छत्तीसगढ़ : बदल जाएगी नगर निगम के महापौर और पार्षद पद के आरक्षण की स्थिति जाने कौन सा किस वर्ग के लिए होगा आरक्षित

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बदल जाएगी नगर निगम के महापौर और पार्षद पद के आरक्षण की स्थिति जाने कौन सा किस वर्ग के लिए होगा आरक्षित

Chhattisgarh: Will change the status of reservation for the post of mayor and councilor of the municipal corporation, which category will be reserved for which category

VM News desk Bhilai :- 

 

कांग्रेसी नेता व आरटीआई विभाग के जिलाध्यक्ष अली हुसैन सिद्दीकी की ओर से बिलासपुर हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका के अनुसार 4 नगर निगम भिलाई,रिसाली,भिलाई चरोदा और बिरगांव के महापौर के पद और भिलाई नगर निगम के 13 वार्डों के पार्षद पद के आरक्षण पर आपत्ती की गई है!

Chhattisgarh: Will change the status of reservation for the post of mayor and councilor of the municipal corporation, which category will be reserved for which category

याचिकाकर्ता ने महापौर पद के आरक्षण में यह तर्क दिया है कि रिसाली नगर निगम एससी वर्ग के लिए आरक्षित होना चाहिए और भिलाई चरोदा एससी वर्ग से मुक्त होना चाहिए क्योंकि 14 नगर निगमों में रिसाली नगर निगम में एससी वर्ग की आबादी का प्रतिशत सबसे ज्यादा है भिलाई चरोदा, भिलाई और बिरगांव के साथ चक्रानुक्रम या चीट निकाल कर एक को सामान्य मुक्त दूसरे को ओबीसी और तीसरे को महिला के लिए नियमतः आरक्षित किया जाएगा!

याचिकाकर्ता ने भिलाई नगर निगम के वार्डों के आरक्षण को लेकर याचिका में जो तर्क दिया है उसके अनुसार अनुसूचित जाति (एससी)के 6 वार्डो और चक्रानुक्रम के अनुसार 7 वार्डों समेत कुल 13 वार्डों के आरक्षण की स्थिति बदल जाएगा! और इसके कारण फिर से चीट निकाला जाएगा तो कई वार्डो के आरक्षण में भी परिवर्तन हो सकता है!

जनहित याचिका पर 15 नवंबर को हाईकोर्ट बिलासपुर में अंतिम सुनवाई होगी।

1.चक्रानुक्रम को फालो करते हैं तो 7 वार्डों का आरक्षण बदल जाएगा!

याचिकाकर्ता अली हुसैन सिद्दीकी ने वार्ड आरक्षण पर आपत्ति लगाई थी, जिसमें वार्ड-19 राजीव नगर कोहका आरक्षण की प्रक्रिया में वार्ड को सामान्य कर दिया गया है, लेकिन चक्रानुक्रम में किया जाता तो यह वार्ड सामान्य महिला के लिए आरक्षित होता। इसी प्रकार वार्ड-36 श्याम नगर केप-2 एससी के लिए आरक्षित है। चक्रानुक्रम में एससी महिला के लिए आरक्षित होना चाहिए था। वार्ड-47 न्यू खुर्सीपार राधाकृष्ण मंदिर ओबीसी कर दिया गया है। चक्रानुमकम में यह सामान्य होना चाहिए था। वार्ड-55 सेक्टर-2 पूर्व ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है यह वार्ड चक्रानुक्रम के अनुसार ओबीसी या मुक्त हो जाएगा महिला के लिए आरक्षित नहीं हो सकता। वार्ड-56 सेक्टर-2 पश्चिम महिला कर दिया गया है चक्रानुक्रम के अनुसार ओबीसी या मुक्त हो जाएगा। वार्ड-59 सेक्टर-5 पूर्व (सामान्य) मुक्त है चक्रानुक्रम अनुसार ओबीसी महिला हो जाएगा। क्योकि पिछले दो बार सामान्य हो चुका है। वार्ड-68 सेक्टर-8 सामान्य महिला किया गया है। चक्रानुक्रम में ओबीसी हो जाएगा। क्योंकि पहले भी सामान्य महिला के लिए आरक्षित हो चुका है।

2.वास्तविक जातिगत जनगणना 2011 के जनसंख्या के अनुसार 6 वार्डों का आरक्षण बदल सकता है!

नगरीय निकाय में लागू आरक्षण व्यवस्था के अनुसार भिलाई नगर निगम के 9 वार्ड एससी वर्ग के लिए आरक्षित किए जाने थे, जनगणना 2011 के अनुसार अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के वास्तविक जनगणना के अनुसार वार्ड क्रमांक-1 जुनवानी, वार्ड-5 कोसा नगर, वार्ड-8 कृष्णा नगर वार्ड-9 राजीव नगर सुपेला, वार्ड- 32 बैकुंठधाम सुंदर नगर, वार्ड-36 श्याम नगर, वार्ड-43 बापू नगर खुर्सीपार, वार्ड- 51 शहीद वीर नारायण सिंह नगर और वार्ड-69 सेक्टर-9 हास्पिटल सेक्टर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होना चाहिए था। क्योंकि इन वार्डों में अनुसूचित जाति की जनसंख्या प्रतिशत सर्वाधिक है। लेकिन वार्ड-4 नेहरू नगर , वार्ड-6 प्रियदर्शनी परिसर और वार्ड-10 लक्ष्मी नगर एससी वर्ग के लिए आरक्षण कर दिया गया है इन तीनों वार्ड के स्थान पर वार्ड क्रमांक 1 जुनवानी, वार्ड क्रमांक 5 कोसा नगर और वार्ड क्रमांक 9 राजीव नगर सुपेला को एससी वर्ग के लिए आरक्षित होना था

क्योंकि इन वार्डों में, वास्तविक जनसंख्या के अनुसार आरक्षित वार्डों की तुलना में सर्वाधिक एससी की जनसंख्या है। जबकि निगम काल्पनिक जातिगत जनसंख्या अनुसार ही वार्डों का आरक्षण किया है।

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