शावक की मौत के बाद वयस्क भालू हुआ खुंखार, शाम को खेत में काम कर रहे ग्रामीण पर हमला कर उतारा मौत के घाट

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महासमुंद। खूंखार भालू ने खेत में काम कर रहे एक किसान पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया है । घटना बागबाहरा वन परिक्षेत्र कोमाखान के ग्राम भोथा का है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम रविवार सुबह गांव पहुंची, लेकिन शव को बरामद करने टीम को आठ घंटे लग गए, क्योंकि भालू शव के आसपास ही घुम रहा था। वह जंगल की ओर किसी को आने नहीं दे रहा था । भालू के इस हरकत को देखकर बेेहोश करने के लिए रायपुर से टीम बुलानी पड़ी, लेकिन उसका भी कोई फायदा नहीं हुआ । टीम भालू को बेहोश कर पाता इससे पहले ही भालू वहां से भाग कर जंगल की ओर चला गया । भालू के भागने के बाद वन विभाग की टीम घटना स्थल पर पहुंचकर ग्रामीण के शव व उसके पास ही एक भालू के शावक का भी शव बरामद किया। शावक के हमले के बाद से भालू खूंखार हो गया था और गुस्से में दोनों के शव को चिथ डाला था। टीम तुरंत दोनों शव को वहां से हटाकर पीएम के लिए भिजवाया। वहीं भालू के शावक का डॉक्टर ने पीएम किया और टीम ने जंगल में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया । वन परिक्षेत्र अधिकारी विकास चंद्राकर ने बताया कि शनिवार शाम को सूचना मिली थी कि ग्राम भोथा के लोकसिंह बरिहा को भालू ने मार डाला है । सूचना पर टीम शाम को भोथा पहुंची, लेकिन बारिश होने के कारण टीम को वापस लौटना पड़ा था । दूसरे दिन सुबह वनमंडलाधिकारी पंकज राजपूत, एसडीओ एसएस नाविक व टूहलू पुलिस घटना स्थल पहुंचे। उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों को वन विभाग की टीम ने 25 हजार की आर्थिक सहायता राशि दी । 5 लाख 75 हजार प्रकरण की जांच पूरी होने के बाद परिजनों को दी जाएगी। वहीं क्षेत्र में चार पांच दिनों तक जाने के लिए ग्रामीणों को मना कर दिया है। गांव में मुनादी भी कराई गई है । भालू अभी गुस्साया हुआ है, इसलिए टीम वहां तैनात है ।

  • मृतक को देखने गए तब पता चला

ग्राम भोथा निवासी मृतक लोकसिंह बरिहा शुक्रवार की शाम खेत में काम करने के लिए गया था । शाम को वह वापस अपने घर लौट पाता इससे पहले ही उसका सामना एक व्यस्क भालू से हुआ । भालू पहले से ही खूंखार था । उसे मृतक को देखा और उस पर हमला कर दिया । नोंच-नोंचकर उसे मौत के घाट उतार दिया । इधर, देर शाम को जब मृतक घर पहुंचा तो, परिजन व ग्रामीण उसे देखने के लिए खेत की ओर गए, जहां देखा कि वह मृत अवस्था में पड़ा हुआ था और भालू आसपास घूम रहा था । इसके बाद इसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी । शाम को टीम गांव पहुंची, लेकिन बारिश अधिक होने के कारण लौट गई । आसपास गांव में घटना के संबंध में पूछताछ की ।

  • घटना स्थल तक जाने वन विभाग ने बनाया दो घंटे में रास्ता

इधर, घटना के दूसरे दिन वन विभाग की पिंजरा लेकर गांव पहुंची तो पता चला कि गाड़ी घटना स्थल तक नहीं जा पाएगी । इसके बाद जेसीबी बुलाकर घटना स्थल तक जाने के लिए रास्ता बनाया । करीब दो से तीन घंटे बाद टीम घटना स्थल के करीब पहुंची। रास्ता बनाने के लिए ड्रोन कैमरे का भी सहारा लिया गया था । जैसे तैसे जब टीम घटना स्थल के करीब पहुंची तो शव के आसपास भालू मंडरा रहा था । घंटेभर इंतजार के बाद भी जब भालू शव के पास से नहीं हटा तो टीम ने भांप लिया था कि भालू खूंखार है । इसके बाद रेसक्यू कर ही पकडऩा उचित समझ कर रायपुर से वाइल्ड लाइफ की टीम को बेहोश करने के लिए बुलाया गया । जब तक टीम नहीं आई थी भालू पर नजर बनाए हुए थे । वहीं ड्रोन कैमरे से भी भालू पर नजर रखी जा रही थी । भालू को बेहोश करने की तैयारी पूरी हो गई थी, उसी समय भालू जंगल की ओर भाग गया ।

  • घटना स्थल पर मिला भालू के शावक का शव

वन परिक्षेत्र अधिकारी ने बताया कि भालू जंगल की ओर भागा उसके बाद टीम मृतक लोकसिंह बरिहा के शव को लेने घटना स्थल पहुंची तो देखा कि वहां एक भालू का शावक भी मरा पड़ा हुआ था । उसकी उम्र करीब एक वर्ष की थी । खूंखार भालू ने मृतक व शावक को गुस्सा में पूरी तरह चिथ डाला था । शावक की मौत कैसे हुई है, इसका पता अभी विभाग को नहीं चल पाया है । संभवत: भालूओं के बीच लड़ाई में उसकी जान गई है या फिर किसी ने उसे मार डाला होगा । इसी वजह से भालू खूंखार हो गया था ।

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