पाटन : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का परिचय, राजनीतिक जीवन, जानिए उनके बारे में विस्तार से

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पाटन  भूपेश बघेल कैसे आये राजनीति में,जानिए उनके बारे में विस्तार से

वर्तमान मंथन/दुर्ग : –

biography of cm bhupesh baghel
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

VM News desk durg :-

भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ राज्य के तृतीय मुख्‍यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता हैं l 2018 में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने पूर्ण बहुमत से  जीत हासिल कर भूपेश बघेल के कुशल नेतृत्वक्षमता को देखते हुए उन्हें  राज्य के  मुख्‍यमंत्री के रूप में चुना । विधानसभा चुनाव में वे पाटन क्षेत्र के सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। भूपेश बघेल छत्‍तीसगढ़ राज्‍य कांग्रेस के अध्‍यक्ष भी रह चुके हैं। शुरुआत से ही सामाजिक कार्यों में विशेष रुचि रखने वाले बघेल अपने छात्र जीवन से ही राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ गये थे। उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई के समय कई सारे राजनीतिक कार्यक्रमों एवं अभियानों में बढ़-चढ़ कर हिस्‍सा लिया। उन्‍हें कई सारे सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की पहल करने के लिये जाना जाता है। शादियों में पैसे की बर्बादी को रोकने का उनका अभियान अब तक का सबसे सफल अभियान रहा है l लगभग हर वर्ष वे सामूहिक विवाह का आयोजन करवाते हैं एवं  अभियान के तहत वे कम से कम बजट में शादियां करवाते हैं।

भूपेश बघेल के बारे में –

पूरा नाम – भूपेश बघेल

जन्म तिथि – 23 Aug 1961

जन्म स्थान – पाटन

पार्टी का नाम – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian National Congress)

शिक्षा – Post Graduate

व्यवसाय – कृषि

पिता का नाम – नंद कुमार बघेल

माता का नाम – बिंदेश्‍वरी बघेल

जीवनसाथी का नाम – मुक्तेश्‍वरी बघेल

जीवनसाथी का व्यवसाय – कृषि एवं व्यापार से आय

बेटा – 1 चैतन्य बघेल

बेटी – 3

सम्पर्क

स्थाई पता – मानसरोवर रेजिडेंशियल प्रिमाइसिस, भिलाई, 3, तहसील, पाटन, जिला दुर्ग

वर्तमान पता – मुख्‍यमंत्री आवास, सिविल लाइन्स, रायपुर, छत्‍तीसगढ़

रोचक तथ्‍य

छत्तीसगढ़ में रमन सिंह के नेतृत्‍व वाली भाजपा को हराकर कांग्रेस को सत्ता में लाने में भूपेश बघेल ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की । उनके ही नेतृत्‍व में कांग्रेस ने 90 में से 68 सीटें जीत कर पूर्ण बहुमत हासिल किया एवं कांग्रेस की पूर्ण बहुमत से सर्कार बनाने में सफल हुए l

राजनीतिक घटनाक्रम

1980

भूपेश बघेल ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत अपने गुरु स्‍वर्गीय चंदूलाल चंद्रकर के सानिध्‍य में की।

1985

उन्‍होंने युवा कांग्रेस की सदस्‍यता ग्रहण की।

1990

वे युवा कांग्रेस के दुर्ग जिले के जिला अध्‍यक्ष बने। वे इस पद पर 1994 तक रहे।

1993

बघेल ने अपना पहला विधानसभा चुनाव पाटन सीट से सफलतापूर्वक लड़ा और मध्‍य प्रदेश विधानसभा के सदस्‍य बने। उन्‍होंने बहुजन समाज पार्टी के केजूराम वर्मा को करीब 3400 वोटों से हराया।

1994

उन्‍हें मध्‍य प्रदेश युवा कांग्रेस का उपाध्‍यक्ष चुना गया। वे इस पद पर एक वर्ष तक रहे।

1998

वे पाटन सीट से पुन: विधायक चुने गये। इस बार उन्‍होंने भाजपा की निपूपमा चंद्राकर को हराया। इस जीत के बाद वे दिग्विजय सिंह की कैबिनेट में शामिल हुए और उन्‍होंने पब्लिक ग्रिवियांस मंत्रालय बतौर राज्‍य मंत्री संभाला। साथ ही उन्‍हें सीधे मुख्‍यमंत्री के साथ संबद्ध कर दिया गया। सभी बड़े फैसलों में उनकी राय ली जाने लगी।

1999

दिसम्‍बर 1999 में उन्‍हें राज्‍यमंत्री से मंत्री बनाया गया और यातायात मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया।

2000

उन्‍हें मध्‍य प्रदेश राज्‍य सड़क यातायात कॉर्पोरेशन का चेयरमैन नियुक्‍त किया गया। मध्‍य प्रदेश से छत्तीसगढ़ के अलग होने के बाद बघेल छत्‍तीसगढ़ विधानसभा के सदस्‍य बने। साथ ही वे छत्‍तीसगढ़ के पहले राज्‍य कर, जन स्‍वास्‍थ्‍य, अभियांत्रिकी एवं राहत कार्य मंत्री बने।

2003

2003 के विधानसभा चुनावों में उन्‍होंने एक बार फिर पाटन से जीत दर्ज की। लेकिन कांग्रेस पार्टी चुनाव जीतने में विफल रही और बघेल छत्‍तीसगढ़ विधानसभा के उप विपक्षी नेता बने।

 

 

2004

2004 में कांग्रेस के टिकट पर बघेल ने दुर्ग लोकसभा सीट से संसदीय चुनाव लड़ा, लेकिन हार गये।

 

2008

लोकसभा की हार का असर विधानसभा चुनावों में दिखा और पाटन सीट भूपेश बघेल के हाथ से निकल गई। विधानसभा चुनाव हर गये।

2009

दुर्ग सीट से उन्‍होंने फिर से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन फिर हार गये।

2013

2013 के विधानसभा चुनावों में बघेल ने सफलतापूर्वक चुनाव लड़ा और फिर से पाटन के विधायक बने।

2014

बघेल को छत्‍तीसगढ़ राज्‍य कांग्रेस का अध्‍यक्ष चुना गया।

 

2018

भूपेश  बघेल ने पाटन से एक बार फिर शानदार जीत दर्ज की। उन्‍होंने भाजपा के मोतीलाल साहू को 27477 वोटों के अंतर से  हराया। इसके  साथ ही उन्‍हें राज्‍य का मुख्‍यमंत्री चुना गया।